पोल्य्सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ( पीसीऔइस ) का उपचार

पोल्य्सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक हार्मोनिक क्षमता है | इस क्षमता की समस्या बहुत से महिलों में आम तौर पर देखी जाती है | इसे चित्सकों को भाषा में स्टीन-लेवेंथल सिंड्रोम भी कहा जाता है | यह समस्या लाखों महिलों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है |

पुरुष व् महिला हार्मोन्स दोनों को अपना काम बखूबी करना चाहिए तभी परजाना किर्या सही से हो पायेगी | इस समस्या वाली महिला में पुरुष शक्राणुओं की मात्रा बहुत जायदा होती है | उसके अंडाशय में बनने वाले अंडे की गुणवत्ता प्रजनन के लिए सही नहीं होती इसी कारन गर्भधारण में समस्या आती है इस समय के निदान एवं उपचार के लिए भारत में कीमत भी काफी कम् है | विदेशों की तुलना में भरत में आप अच्छे से पीसीऔइस का उपचार करवा सकते हैं |

पोल्य्सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम समस्या के मुख्या लक्षण क्या हैं -

आपका वजन बढ़ने लगेगा एवं कमर व् पेट के आस पास चमड़ी बढ़ने लगेगी | आपको पतले होने के लिए काफी मुश्कात करनी पड़ेगी | बालो का बहुत तेजी से बढ़ना भी इसका एक सामान्य लक्षण है | चेहरे पर कील , मुषसे , धब्बे , तनाव एवं पल्ल्विक दर्द भी लक्षण हाँ जो आम तौर पर देखे जाते हैं |

कारन -

इसके स्थाई कारणों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है | जायदातर चितसकों के पास इसका कोई जवाब नहीं है , लेकिन बहुत से विज्ञानिको का मैं है की किसी दवा के ाकरण या परिवार में पहले से चल रहे जींस के कारन ऐसा होता है |
अगर आपके परिवार में आपकी माता या आपकी बहन को यह समस्या है तो , सम्भावना है की आपको भी यह समस्या होगी |

अगर आपका वजन बहुत जायदा है या आप लगातार वजन बढ़ा रहे हो आप आप की भी इस समस्या से पीड़ित हो मसकते हैं |

इसके उपचार के लिए आपको किसी अच्छे आईवीऍफ़ केंदर या चित्सक में पास जाने की जरूरत है | भारत में आईवीऍफ़ उपचार बहुत जायदा स्थानों पर एवं बहुत सस्ते में किया जाता है |

उपचार -

जिस किसी चित्सक के पास आप जाओगे वह आपके परिवार के इतहास आपके चिकत्सा के इतहास के बारे में पूछताश करेगा | उसके बाद आपका शरीरिक परीक्षण जिसमे अंडाशय का परीक्षण , रख परीक्षण और एक्स-रे के नतीजे आयने के बाद आपका उपचार शुरू किया जायेगा |
इसके उपचार के लिया किसी शमल्या -चिकत्सा की जरूरत नहीं है | आपको सिर्फ औरतों के रोगो की माहिर चित्सक से मिलना है और उसके सुझाव मुताविक दवायां इस्तेमाल करनी होंगी |
उपचार में सबसे पहले आपके शरीर में से पुरुष को कम किया जायेगा , दवायों की मदद से आपके शरीर में पुरुष एवं महिला हार्मोन्स को एक सही मापदंड तक रखा जायेगा , जो की प्रजनन के लिए सबसे जरूरी बात है | उसके बाद आपको माहवारी सही करने के लिए दवायां दी जाएगी जो की एक सीमित अवधी के लिए खानी हैं |

उपचार के बाद -

आपको वजन कम करना पड़ेगा , खाने पीने में खास पौष्टिक आहार शामिल करना है | बेकार की सोच व् मानसिक तनाव को दिमाग से उतरना है |

सफल आईवीएफ उपचार

शिखर की आईवीएफतकनीकें

शिक्षित एवं पेशेवरकर्मचारी

Call Now For Consultation +91-92449-00001

Call Now For Consultationivf@evahospital.in

(C) Copyright 2017 - EVA Hospitals All rights reserved.